ब्रह्मेशगुहविष्णूनां तथेन्द्रस्य च शक्तयः । शरीरेभ्यो विनिष्क्रम्य तद्रूपैश्चण्डिकां ययुः ॥
ब्रह्मा, शिव, कार्तिकेय, विष्णु और इन्द्र की शक्तियाँ उनके शरीरों से निकलकर उन्हीं के समान रूप धारण करके चण्डिका के पास आ पहुँचीं।
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