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दुर्गासप्तशती • अध्याय 8 • श्लोक 28
॥ स्वस्ति श्रीमार्कण्डेयपुराणे सावर्णिके मन्वन्तरे देवीमाहात्म्ये चण्डमुण्डवधो नाम सप्तमोऽध्यायः । उवाच २, श्लोकाः २५, एवमादितः ॥
इस प्रकार श्रीमार्कण्डेय पुराण के सावर्णिक मन्वन्तर में स्थित देवीमाहात्म्य का ‘चण्ड और मुण्ड का वध’ नामक सातवाँ अध्याय समाप्त होता है। इसमें २ उवाच और २५ श्लोक हैं।
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