यस्माच्चण्डं च मुण्डं च गृहीत्वा त्वमुपागता । चामुण्डेति ततो लोके ख्याता देवी भविष्यसि ॥
क्योंकि तुम चण्ड और मुण्ड को पकड़कर लाई हो, इसलिए संसार में तुम “चामुण्डा” नाम से प्रसिद्ध होगी।
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