हे धूम्रलोचनाशु त्वं स्वसैन्यपरिवारितः । तामानय बलाद्दुष्टां केशाकर्षणविह्वलाम् ॥
हे धूम्रलोचन! तुम अपनी सेना सहित शीघ्र जाओ और उस दुष्टा स्त्री को बलपूर्वक पकड़कर, उसके बाल खींचते हुए यहाँ ले आओ।
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