हम देवी को नमस्कार करते हैं, महादेवी को नमस्कार करते हैं, शिवा को सदा नमस्कार करते हैं। हम प्रकृति और भद्रा देवी को निरंतर प्रणाम करते हैं।
पूरा ग्रंथ पढ़ें
दुर्गासप्तशती के सभी अध्याय और श्लोकों को उनके अर्थ और व्याख्या सहित पढ़ने के लिए Krishjan ऐप इंस्टॉल करें। ऐप में आपको संरचित अध्याय, आसान नेविगेशन और ऑफलाइन पढ़ने की सुविधा मिलती है।
सभी अध्याय उपलब्ध
दुर्गासप्तशती के 18 अध्याय और सभी श्लोक एक ही स्थान पर।