एवमेतद् बली शुम्भो निशुम्भश्चापितादृशः । किं करोमि प्रतिज्ञा मे यदनालोचिता पुरा ॥
यह सत्य है कि शुम्भ बलवान है और निशुम्भ भी वैसा ही है। परन्तु मैं क्या करूँ, मैंने पहले जो प्रतिज्ञा कर ली है।
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