अन्येषामपि दैत्यानां सर्वे देवा न वै युधि । तिष्ठन्ति सम्मुखे देवि किं पुनः स्त्री त्वमेकिका ॥
अन्य दैत्यों के सामने भी देवता युद्ध में टिक नहीं पाते, फिर तुम अकेली स्त्री उनके सामने कैसे टिक सकोगी?
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