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दुर्गासप्तशती • अध्याय 6 • श्लोक 45
ततोऽम्बिकां परं रूपं बिभ्राणां सुमनोहरम् । ददर्श चण्डो मुण्डश्च भृत्यौ शुम्भनिशुम्भयोः ॥
तब शुम्भ और निशुम्भ के सेवक चण्ड और मुण्ड ने उस अत्यन्त मनोहर रूप धारण करने वाली अम्बिका को देखा।
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