हे देवी! आपके क्रोध से भयानक भौंहों वाले मुख को देखकर भी यदि महिषासुर तुरंत प्राण नहीं त्यागता, तो यह अत्यन्त आश्चर्य है; क्योंकि क्रोधित यमराज के दर्शन से कौन जीवित रह सकता है।
पूरा ग्रंथ पढ़ें
दुर्गासप्तशती के सभी अध्याय और श्लोकों को उनके अर्थ और व्याख्या सहित पढ़ने के लिए Krishjan ऐप इंस्टॉल करें। ऐप में आपको संरचित अध्याय, आसान नेविगेशन और ऑफलाइन पढ़ने की सुविधा मिलती है।
सभी अध्याय उपलब्ध
दुर्गासप्तशती के 18 अध्याय और सभी श्लोक एक ही स्थान पर।