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दुर्गासप्तशती • अध्याय 4 • श्लोक 42
अर्धनिष्क्रान्त एवासौ युध्यमानो महासुरः । तया महासिना देव्या शिरश्छित्त्वा निपातितः ॥
इस प्रकार आधा बाहर निकलते हुए भी युद्ध करता वह महासुर देवी ने अपने महान तलवार से उसका सिर काटकर गिरा दिया।
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