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दुर्गासप्तशती • अध्याय 4 • श्लोक 20
बिडालस्यासिना कायात् पातयामास वै शिरः । दुर्धरं दुर्मुखं चोभौ शरैर्निन्ये यमक्षयम् ॥
देवी ने तलवार से बिडाल का सिर काट दिया और दुर्धर तथा दुर्मुख दोनों को बाणों से मारकर यमलोक भेज दिया।
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