देवी क्रुद्धा गदापातैश्चूर्णयामास चोद्धतम् । बाष्कलं भिन्दिपालेन बाणैस्ताम्रं तथान्धकम् ॥
क्रोधित देवी ने गदा के प्रहारों से उध्दत असुर को चूर्ण कर दिया और बाष्कल को भिन्दिपाल से तथा ताम्र और अंधक को बाणों से मार डाला।
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