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दुर्गासप्तशती • अध्याय 3 • श्लोक 7
स्वर्गान्निराकृताः सर्वे तेन देवगणा भुवि । विचरन्ति यथा मर्त्या महिषेण दुरात्मना ॥
उस दुरात्मा महिषासुर द्वारा स्वर्ग से निकाले जाने पर सभी देवता पृथ्वी पर मनुष्यों की भाँति विचरण कर रहे हैं।
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