शिरांसि पेतुरन्येषामन्ये मध्ये विदारिताः । विच्छिन्नजङ्घास्त्वपरे पेतुरुर्व्यां महासुराः ॥
कुछ असुरों के सिर कटकर गिर पड़े, कुछ बीच से चीर दिए गए और कुछ की जाँघें कट जाने से वे पृथ्वी पर गिर पड़े।
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