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दुर्गासप्तशती • अध्याय 3 • श्लोक 26
अर्धचन्द्रं तथा शुभ्रं केयूरान् सर्वबाहुषु । नूपुरौ विमलौ तद्वद् ग्रैवेयकमनुत्तमम् ॥
उसे श्वेत अर्धचन्द्र, सभी भुजाओं के लिए केयूर, निर्मल नूपुर और उत्तम हार भी प्रदान किए गए।
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