क्षीरोदश्चामलं हारमजरे च तथाम्बरे । चूडामणिं तथा दिव्यं कुण्डले कटकानि च ॥
क्षीरसागर ने उसे निर्मल हार और दिव्य वस्त्र दिए तथा दिव्य चूड़ामणि, कुण्डल और कंगन भी प्रदान किए।
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