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दुर्गासप्तशती • अध्याय 3 • श्लोक 24
समस्तरोमकूपेषु निजरश्मीन् दिवाकरः । कालश्च दत्तवान् खड्गं तस्यै चर्म च निर्मलम् ॥
सूर्य ने अपने तेज की किरणें देवी के समस्त रोमकूपों में स्थापित कीं और काल ने उसे निर्मल तलवार तथा ढाल दी।
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