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दुर्गासप्तशती • अध्याय 3 • श्लोक 21
शङ्खं च वरुणः शक्तिं ददौ तस्यै हुताशनः । मारुतो दत्तवांश्चापं बाणपूर्णे तथेषुधी ॥
वरुण ने देवी को शंख दिया, अग्नि ने शक्ति प्रदान की और वायु ने धनुष तथा बाणों से भरे दो तूणीर दिए।
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