मुख्य पृष्ठ शास्त्र परिचय ऐप इंस्टॉल करें
दुर्गासप्तशती • अध्याय 2 • श्लोक 79
कालरात्रिर्महारात्रिर्मोहरात्रिश्च दारुणा । त्वं श्रीस्त्वमीश्वरी त्वं ह्रीस्त्वं बुद्धिर्बोधलक्षणा ॥
आप कालरात्रि, महारात्रि और भयंकर मोहरात्रि हैं। आप श्री, ईश्वरी, ह्री और ज्ञानस्वरूप बुद्धि हैं।
पूरा ग्रंथ पढ़ें
दुर्गासप्तशती के सभी अध्याय और श्लोकों को उनके अर्थ और व्याख्या सहित पढ़ने के लिए Krishjan ऐप इंस्टॉल करें। ऐप में आपको संरचित अध्याय, आसान नेविगेशन और ऑफलाइन पढ़ने की सुविधा मिलती है।

सभी अध्याय उपलब्ध

दुर्गासप्तशती के 18 अध्याय और सभी श्लोक एक ही स्थान पर।

सरल अर्थ

प्रत्येक श्लोक के साथ स्पष्ट हिंदी अनुवाद।

ऑफलाइन पढ़ें

इंटरनेट के बिना भी ग्रंथ पढ़ें।
Krishjan
धर्म का अन्वेषण
ऐप इंस्टॉल करें