बलादाकृष्य मोहाय महामाया प्रयच्छति । तया विसृज्यते विश्वं जगदेतच्चराचरम् ॥
महामाया बलपूर्वक सबको मोह में डाल देती है और उसी से यह चराचर जगत उत्पन्न होता है।
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