मनुष्याणां च यत्तेषां तुल्यमन्यत्तथोभयोः । ज्ञानेऽपि सति पश्यैतान् पतङ्गाञ्छावचञ्चुषु ॥
मनुष्यों और अन्य प्राणियों का ज्ञान कई प्रकार से समान है। ज्ञान होते हुए भी देखो कि पतंगे अग्नि में जलते हुए भी उसमें कूद पड़ते हैं।
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