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दुर्गासप्तशती • अध्याय 2 • श्लोक 5
तस्य पालयतः सम्यक् प्रजाः पुत्रानिवौरसान् । बभूवुः शत्रवो भूपाः कोलाविध्वंसिनस्तदा ॥
वह अपनी प्रजा का पालन अपने पुत्रों के समान करता था, पर उस समय कोलाविध्वंसि नामक शत्रु राजाओं ने उस पर आक्रमण किया।
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