केचिद्दिवा तथा रात्रौ प्राणिनस्तुल्यदृष्टयः । ज्ञानिनो मनुजाः सत्यं किं तु ते न हि केवलम् ॥
कुछ प्राणी दिन और रात दोनों समय समान रूप से देख सकते हैं। मनुष्य को ज्ञानी कहा जाता है, यह सत्य है, परन्तु वे ही केवल ज्ञानी नहीं हैं।
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