स च वैश्यस्तपस्तेपे देवीसूक्तं परं जपन् । तौ तस्मिन् पुलिने देव्याः कृत्वा मूर्तिं महीमयीम् ॥
वह वैश्य देवीसूक्त का जप करते हुए तप करने लगा और दोनों ने उस नदी तट पर मिट्टी की देवी की मूर्ति बनाकर पूजा की।
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