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दुर्गासप्तशती • अध्याय 13 • श्लोक 42
॥ स्वस्ति श्रीमार्कण्डेयपुराणे सावर्णिके मन्वन्तरे देवीमाहात्म्ये भगवती वाक्यं द्वादशोऽध्यायः ॥
इस प्रकार श्रीमार्कण्डेय पुराण के सावर्णिक मन्वंतर में स्थित देवीमाहात्म्य का “भगवती वाक्य” नामक द्वादश अध्याय समाप्त होता है।
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