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दुर्गासप्तशती • अध्याय 13 • श्लोक 40
भवकाले नृणां सैव लक्ष्मीर्वृद्धिप्रदा गृहे । सैवाभावे तथालक्ष्मीर्विनाशायोपजायते ॥
समृद्धि के समय वही मनुष्यों के घरों में वृद्धि देने वाली लक्ष्मी होती हैं और अभाव के समय वही अलक्ष्मी बनकर विनाश का कारण बनती हैं।
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