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दुर्गासप्तशती • अध्याय 12 • श्लोक 54
भ्रामरीति च मां लोकास्तदा स्तोष्यन्ति सर्वतः । इत्थं यदा यदा बाधा दानवोत्था भविष्यति ॥
तब लोग मुझे भ्रामरी नाम से चारों ओर स्तुति करेंगे। जब-जब दानवों से उत्पन्न ऐसी बाधाएँ होंगी।
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