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दुर्गासप्तशती • अध्याय 12 • श्लोक 39
सर्वाबाधाप्रशमनं त्रैलोक्यस्याखिलेश्वरि । एवमेव त्वया कार्यमस्मद्वैरिविनाशनम् ॥
हे तीनों लोकों की अधीश्वरी, आप समस्त बाधाओं का नाश करने वाली हैं। इसी प्रकार हमारे शत्रुओं का भी नाश करती रहें।
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