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दुर्गासप्तशती • अध्याय 11 • श्लोक 28
ततः प्रसन्नमखिलं हते तस्मिन् दुरात्मनि । जगत्स्वास्थ्यमतीवाप निर्मलं चाभवन्नभः ॥
उस दुरात्मा के मारे जाने पर समस्त जगत प्रसन्न हो गया, सब ओर शांति स्थापित हो गई और आकाश भी निर्मल हो गया।
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