तस्याः शिखाया मध्ये परमात्मा व्यवस्थितः ।
स ब्रह्मा स ईशानः सोऽक्षरः परमः स्वरदट्॥
उस सूक्ष्म अग्निशिखा के मध्य में परमात्मा स्थित हैं।
वही ब्रह्मा हैं, वही ईशान(शिव) हैं, वही अक्षर(अविनाशी) हैं, और वही परम, स्वराट्(स्वयंप्रकाश एवं स्वतन्त्र) परम तत्त्व हैं।
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