विद्वान् प्रशस्यते लोके विद्वान्सर्वत्र गौरवम् ।
विद्यया लभते सर्व विद्या सर्वत्र पूज्यते ।।
विद्वान् व्यक्ति लोगो से सम्मान पाता है। विद्वान् उसकी विद्वत्ता के लिए हर जगह सम्मान पाता है। यह बिलकुल सच है की विद्या हर जगह सम्मानित है।
पूरा ग्रंथ पढ़ें
चाणक्य नीति के सभी अध्याय और श्लोकों को उनके अर्थ और व्याख्या सहित पढ़ने के लिए Krishjan ऐप इंस्टॉल करें। ऐप में आपको संरचित अध्याय, आसान नेविगेशन और ऑफलाइन पढ़ने की सुविधा मिलती है।
सभी अध्याय उपलब्ध
चाणक्य नीति के 18 अध्याय और सभी श्लोक एक ही स्थान पर।