अत्यन्तकोपः कटुता च वाणी दरिद्रता च स्वजनेषु वैरम् ।
नीचप्रसड्गः कुलहीनसेवा चिह्नानि देहे नरकस्थितानाम् ।।
नरक में निवास करने वाले और धरती पर निवास करने वालो में साम्यता -
१. अत्याधिक क्रोध
२. कठोर वचन
३. अपने ही संबंधियों से शत्रुता
४. नीच लोगो से मैत्री
५. हीन हरकते करने वालो की चाकरी
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