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चाणक्य नीति • अध्याय 7 • श्लोक 16
स्वर्गस्थितानामहि जीवलोके चत्वारि चिह्नानि वसन्ति देहे । दानप्रसंगो मधुरा च वाणी देवार्चनं ब्राह्मणतर्पणं च ।।
स्वर्ग में निवास करने वाले देवता लोगो में और धरती पर निवास करने वाले लोगो में कुछ साम्य पाया जाता है। उनके समान गुण है - १. परोपकार २. मीठे वचन ३. भगवान् की आराधना ४. ब्राह्मणों के जरूरतों की पूर्ति
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