मुख्य पृष्ठ शास्त्र परिचय ऐप इंस्टॉल करें
चाणक्य नीति • अध्याय 5 • श्लोक 8
अभ्यासाध्दार्यते विद्या कुलं शीलेन धार्यते । गुणेन ज्ञायते त्वार्यः कोपो नेत्रेण गम्यते ।।
अर्जित विद्या अभ्यास से सुरक्षित रहती है। घर की इज्जत अच्छे व्यवहार से सुरक्षित रहती है। अच्छे गुणों से इज्जतदार आदमी को मान मिलता है। किसी भी व्यक्ति का गुस्सा उसकी आँखों में दिखता है।
पूरा ग्रंथ पढ़ें
चाणक्य नीति के सभी अध्याय और श्लोकों को उनके अर्थ और व्याख्या सहित पढ़ने के लिए Krishjan ऐप इंस्टॉल करें। ऐप में आपको संरचित अध्याय, आसान नेविगेशन और ऑफलाइन पढ़ने की सुविधा मिलती है।

सभी अध्याय उपलब्ध

चाणक्य नीति के 18 अध्याय और सभी श्लोक एक ही स्थान पर।

सरल अर्थ

प्रत्येक श्लोक के साथ स्पष्ट हिंदी अनुवाद।

ऑफलाइन पढ़ें

इंटरनेट के बिना भी ग्रंथ पढ़ें।
Krishjan
धर्म का अन्वेषण
ऐप इंस्टॉल करें