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चाणक्य नीति • अध्याय 5 • श्लोक 23
राजपत्नी गुरोः पत्नी मित्र पत्नी तथैव च । पत्नी माता स्वमाता च पञ्चैता मातरः स्मृता ।।
इन सब को आपनी माता समझें - १. राजा की पत्नी २. गुरु की पत्नी ३. मित्र की पत्नी ४. पत्नी की माँ ५. आपकी माँ
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