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चाणक्य नीति • अध्याय 5 • श्लोक 22
जनिता चोपनेता च यस्तु विद्यां प्रयच्छति । अन्नदाता भयत्राता पञ्चैते पितरः स्मृताः ।।
ये सब आपके पिता है - १. जिसने आपको जन्म दिया २. जिसने आपका यज्ञोपवित संस्कार किया ३. जिसने आपको पढाया ४. जिसने आपको भोजन दिया ५. जिसने आपको भयपूर्ण परिस्थितियों में बचाया
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