दारिद्र्यनाशनं दान शीलं दुर्गतिनाशनम् ।
अज्ञाननाशिनी प्रज्ञा भावना भयनाशिनी ।।
दान गरीबी को ख़त्म करता है। अच्छा आचरण दुःख को मिटाता है। विवेक अज्ञान को नष्ट करता है। जानकारी भय को समाप्त करती है।
पूरा ग्रंथ पढ़ें
चाणक्य नीति के सभी अध्याय और श्लोकों को उनके अर्थ और व्याख्या सहित पढ़ने के लिए Krishjan ऐप इंस्टॉल करें। ऐप में आपको संरचित अध्याय, आसान नेविगेशन और ऑफलाइन पढ़ने की सुविधा मिलती है।
सभी अध्याय उपलब्ध
चाणक्य नीति के 18 अध्याय और सभी श्लोक एक ही स्थान पर।