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चाणक्य नीति • अध्याय 3 • श्लोक 19
उपसर्गेऽन्यचक्ने च दुर्भिक्षे च भयावहे। असाधुजनसम्पर्क यः पलायति जीवति ।।
वह व्यक्ति सुरक्षित रह सकता है जो नीचे दी हुई परिस्थितियां उत्पन्न होने पर भाग जाए। १. भयावह आपदा २. विदेशी आक्रमण ३. भयंकर अकाल ४. दुष्ट व्यक्ति का संग
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