समाने शोभते प्रीतिः राज्ञि सेवा च शोभते ।
वाणिज्यव्यवहारेषु स्त्री दिव्या शोभते गृहे ।।
प्रेम और मित्रता बराबर वालों में अच्छी लगती है, राजा के यहाँ नौकरी करने वाले को ही सम्मान मिलता है, व्यवसार्यों में वाणिज्य सबसे अच्छा है,अब उत्तम गुणों वाली स्त्री अपने घर में सुरक्षित रहती है।
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