हमें दुसरो से जो मदद प्राप्त हुई है उसे हमें लौटना चाहिए। उसी प्रकार यदि किसीने हमसे यदि दुष्टता की है तो हमें भी उससे दुष्टता करनी चाहिए। ऐसा करने में कोई पाप नहीं है।
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