मुख्य पृष्ठ शास्त्र परिचय ऐप इंस्टॉल करें
चाणक्य नीति • अध्याय 14 • श्लोक 16
सुसिध्दमौषधं धर्मं गृहच्छिद्रं च मैथुनम् । कुभुक्तं कुश्रुतं चैव मतिमान्न प्रकाशयेत् ।।
जो व्यक्ति बुद्धिमान है वह निम्न लिखित बाते किसी को ना बताये - वह औषधि उसने कैसे बनायीं जो अच्छा काम कर रही है। वह परोपकार जो उसने किया। उसके घर के झगडे। उसकी उसके पत्नी के साथ होने वाली व्यक्तिगत बाते। उसने जो ठीक से न पका हुआ खाना खाया। जो गालिया उसने सुनी।
पूरा ग्रंथ पढ़ें
चाणक्य नीति के सभी अध्याय और श्लोकों को उनके अर्थ और व्याख्या सहित पढ़ने के लिए Krishjan ऐप इंस्टॉल करें। ऐप में आपको संरचित अध्याय, आसान नेविगेशन और ऑफलाइन पढ़ने की सुविधा मिलती है।

सभी अध्याय उपलब्ध

चाणक्य नीति के 18 अध्याय और सभी श्लोक एक ही स्थान पर।

सरल अर्थ

प्रत्येक श्लोक के साथ स्पष्ट हिंदी अनुवाद।

ऑफलाइन पढ़ें

इंटरनेट के बिना भी ग्रंथ पढ़ें।
Krishjan
धर्म का अन्वेषण
ऐप इंस्टॉल करें