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चाणक्य नीति • अध्याय 11 • श्लोक 9
कामं क्रोधं तथा लोभं स्वादुश्रृंगारकौतुकम् । अतिनिद्राऽतिसेवा च विद्यार्थी ह्यष्ट वर्जयेत् ।।
एक विद्यार्थी पूर्ण रूप से निम्न लिखित बातो का त्याग करे - १. काम २. क्रोध ३. लोभ ४. स्वादिष्ट भोजन की अपेक्षा ५. शरीर का शृंगार ६. अत्याधिक जिज्ञासा ७. अधिक निद्रा ८. शरीर निर्वाह के लिए अत्याधिक प्रयास
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