मुख्य पृष्ठ शास्त्र परिचय ऐप इंस्टॉल करें
चाणक्य नीति • अध्याय 10 • श्लोक 4
कवयः किं न पश्यन्ति कि न कुर्वन्ति योषितः । मद्यपाः किं न जल्पन्ति किंन खादन्ति वायसाः ।।
वह क्या है जो कवी कल्पना में नहीं आ सकता। वह कौनसी बात है जिसे करने में औरत सक्षम नहीं है। ऐसी कौनसी बकवास है जो दारू पिया हुआ आदमी नहीं करता। ऐसा क्या है जो कौवा नहीं खाता।
पूरा ग्रंथ पढ़ें
चाणक्य नीति के सभी अध्याय और श्लोकों को उनके अर्थ और व्याख्या सहित पढ़ने के लिए Krishjan ऐप इंस्टॉल करें। ऐप में आपको संरचित अध्याय, आसान नेविगेशन और ऑफलाइन पढ़ने की सुविधा मिलती है।

सभी अध्याय उपलब्ध

चाणक्य नीति के 18 अध्याय और सभी श्लोक एक ही स्थान पर।

सरल अर्थ

प्रत्येक श्लोक के साथ स्पष्ट हिंदी अनुवाद।

ऑफलाइन पढ़ें

इंटरनेट के बिना भी ग्रंथ पढ़ें।
Krishjan
धर्म का अन्वेषण
ऐप इंस्टॉल करें