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बृहत्संहिता • अध्याय 98 • श्लोक 9
लघु हस्ताश्विनपुष्याः पण्यरतिज्ञानभूषणकलासु । शिल्पौषधयानादिषु सिद्धिकराणि प्रदिष्टानि ॥
हस्त, अश्विनी, पुष्य-ये लघुसंज्ञक नक्षत्र हैं। ये नक्षत्र पण्य (विक्रय), रति, ज्ञान (शास्त्रारम्भ ), भूषण, कला (चित्र, गीत, वाद्य और नृत्य), शिल्पकर्म, औषध (द्रव्यप्रयोग), यान (यात्रा) आदि में सिद्धि करने वाले होते हैं।
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