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बृहत्संहिता • अध्याय 98 • श्लोक 4
अश्वियमदहनकमलजशशिशूलभृददितिजीवफणिपितरः । योन्यर्यमदिनकृत्त्वष्टपवनशकाग्निमित्राश्च ॥
अश्विनीकुमार, यम, अग्नि, ब्रह्मा, चन्द्रमा, शिव, अदिति, बृहस्पति, सर्प, भग (सूर्य- विशेष), अर्यमा (सूर्यविशेष), रवि, त्वष्टा (विश्वकर्मा), वायु, इन्द्राग्नी मित्र, इन्द्र, निऋति (राक्षस), जल, विश्वेदेव, ब्रह्मा, विष्णु, वसु, वरुण,
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