खम्भा, मिट्टी की बनी हुई कोठी (कोठियाँ), प्रतिमा-इनका सम्भाषण करना, रोना, इनको अनुपात होना, इनमें पसीने का आना तथा कलह, इन्द्रधनुष और निर्घात का फल तीन मास में होता है। यदि इन्द्रधनुष का फल पूर्वकथित अवधि (एक सप्ताह) तक न हो तो तीन मास में होता है।
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