अश्विनी से पुष्य तक के आठ नक्षत्रों के योगतारा में उत्पात हो तो क्रम से नव, एक, अद्वारह, एक, एक, छः, तीन और तीन मास में तथा आश्लेषा तत्काल फल देता है।
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