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बृहत्संहिता • अध्याय 96 • श्लोक 47
काद्यास्तु वर्गाः कुजशुकसौम्यजीवार्कजानां क्रमशः प्रदिष्टाः । वर्णाष्टकं यादि च शीतरश्मेरवेरकारात् क्रमशः स्वराः स्युः ॥
मंगल शुक्र, बुध, बृहस्पति और शनि के क्रम से कवर्ग आदि हैं। जैसे- मंगल के कवर्ग, शुक्र के चवर्ग, बुध के टवर्ग, बृहस्पति के तवर्ग और शनि के पवर्ग हैं
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