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बृहत्संहिता • अध्याय 96 • श्लोक 39
लग्ने धकारो हिबुके भकारक्षास्ते झकारोऽम्बरमध्यगे ई। लग्ने दकारो हिबुके धकारमस्ते डकारं विदुरम्बरे ढम् ॥
मिथुन लग्न में द्वितीय नवांश हो तो मिथुन में द्वितीय नवांशाधिपति मंगल के वर्ग का चतुर्य अक्षर घकार, चतुर्थ राशि (कन्या) में द्वितीय नवांशाधिपति शनि के वर्ग का चतुर्थ अक्षर भकार, सप्तम राशि (धनु) में द्वितीय नवांशाधिपति शुक्र के वर्ग का चतुर्थ अक्षर झकार और दशम राशि (मीन) में द्वितीय नवांशाधिपति सूर्य के वर्ग का चतुर्थ अक्षर ईकार आता है। मिथुन लग्न में तृतीय नवांश हो तो मिथुन में तृतीय नांशाधिपति बृहस्पति के वर्ग का तृतीय अक्षर दकार, चतुर्थ राशि (कन्या) में तृतीय
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