मुख्य पृष्ठ शास्त्र परिचय ऐप इंस्टॉल करें
बृहत्संहिता • अध्याय 96 • श्लोक 22
शीषोंदयेपूर्ध्वमुशन्ति मात्रामधश्च पृष्ठोदयशब्दितेषु । तीर्यक्च विन्द्यादुभयोदये तां दीर्धेषु दीर्घामितरेषु चान्याम् ॥
शीर्षोदय राशि लग्न में हो तो ऊर्ध्व मात्रा (ओ, औ), पृष्ठोदय राशि लग्न में हो तो अपो मात्रा (उ, ऊ), उभयोदय राशि लग्न में हो तो तिर्यक् मात्रा (ए. ऐ) और दीर्घ राशि (सिंह, कन्या, तुला और वृश्चिक) लग्न में हो तो दीर्घ मात्रा (आ, ई, ऊ, ऐ, ओ, औ) होती है। अन्य राशि (मध्य मिथुन, कर्क, धनु और मकर, हस्व = मेष, वृष, कुम्भ और मोन) लग्न में हो तो अन्य मात्रा (अ, इ और उ) होती है।
पूरा ग्रंथ पढ़ें
बृहत्संहिता के सभी अध्याय और श्लोकों को उनके अर्थ और व्याख्या सहित पढ़ने के लिए Krishjan ऐप इंस्टॉल करें। ऐप में आपको संरचित अध्याय, आसान नेविगेशन और ऑफलाइन पढ़ने की सुविधा मिलती है।

सभी अध्याय उपलब्ध

बृहत्संहिता के 18 अध्याय और सभी श्लोक एक ही स्थान पर।

सरल अर्थ

प्रत्येक श्लोक के साथ स्पष्ट हिंदी अनुवाद।

ऑफलाइन पढ़ें

इंटरनेट के बिना भी ग्रंथ पढ़ें।
Krishjan
धर्म का अन्वेषण
ऐप इंस्टॉल करें